प्रेग्नेंट होने के कितने दिन बाद पीरियड आता है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

मां बनने के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, यहां जानें पूरी डीटेल
अक्सर देखा जाता है कि मांएं प्रेग्नेंसी के दौरान तो अपना पूरा ख्याल रखती हैं ताकि होने वाला बच्चा स्वस्थ हो, लेकिन डिलिवरी के बाद वे अपने खानपान पर उतना ध्यान नहीं देतीं। ऐसा करने से एक टाइम के बाद उनके शरीर में कमजोरी आने लगती है जो मां और बच्चे दोनों के लिए समस्या पैदा कर सकती है। डॉक्टरों की मानें तो नई मां को 6 महीने तक बच्चे को सिर्फ अपना दूध पिलाना होता है लिहाजा मां को अपने खानपान का पूरा ध्यान रखना चाहिए।

न्यू मॉम के लिए हेल्दी डायट है जरूरी

बच्चे के जन्म के बाद न्यू मॉम्स के लिए हेल्दी डायट बेहद जरूरी है। यह आपको लेबर पेन के दौरान हुई दिक्कतों से उबरने के लिए, पोस्टपार्टम डिप्रेशन से दूर रहने में और मातृत्व की जिम्मेदारियों से जुड़े हर तरह के तनाव से दूर रखने में मदद करता है। मां की हेल्दी डायट मां और बच्चा दोनों को कई तरह की खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर मां बनने के बाद कुछ महीनों तक आपको क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
​क्या खाएं- अंडा

अंडों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है जो नई मां को फायदा पहुंचाता है। आप चाहें तो बॉइल एग, अंडे की भुर्जी या फिर ऑमलेट खा सकती हैं।
​हल्दी

हल्दी में विटमिन बी6, विटमिन सी और पोटैशियम होता है जो घाव को जल्दी भरता है। इसलिए, डिलिवरी के बाद घाव भरने में और पेट संबंधी परेशानियों को ठीक करने में हल्दी बेहद अहम है। रोजाना रात में सोते समय एक गिलास हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
​अजवायन

डिलिवरी के बाद अजवायन का सेवन नई मां के लिए फायदेमंद होता है। यह आपको गैस और अपच की समस्या से बचाता है। इसमें ऐंटीबैक्टीरियल, ऐंटीफंगल, ऐंटिऑक्सिडेंट और ऐंटिसेप्टिक गुण होते हैं। रोजाना एक चुटकी अजवायन गुनगुने पानी के साथ खाएं।
​मेथी दाना

मेथी में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, विटमिन और खनिज होता है। मेथी आपको जोड़ों के दर्द और पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है। आप अपने खाने में मेथी के दाने डालकर पका सकती हैं। या फिर मेथी को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छानकर मेथी का पानी पी सकती हैं। मेथी के सेवन से ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन भी बढ़ता है।
​दाल और फलियां

अपनी डेली डायट में दाल के साथ-साथ राजमा और ब्लैक बीन्स जैसी फलियों को जरूर शामिल करें। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटमिन और दूसरे मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं और ये ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। साथ ही दाल खाने से एनर्जी भी मिलती है।
​क्या न खाएं- मछली

वैसे तो मछलियां ओमेगा 3 फैटी ऐसिड का बेहतरीन सोर्स होती हैं लेकिन कुछ महलियां ऐसी ही होती हैं जिनमें मर्क्युरी का लेवल बहुत अधिक होता है और यह ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांओं को नहीं खाना चाहिए वरना बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।
​गैस बनाने वाली चीजें

ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें खाने से पेट में गैस बनती हो, ऐसिडिटी की दिक्कत हो या फिर ज्यादा डकार आती हो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी चीजें मां के साथ-साथ नवजात शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। लिहाजा कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम जैसी चीजों से दूर रहें।
​कॉफी और कैफीन

आप जब कॉफी या चाय का सेवन करती हैं तो इनमें मौजूद कैफीन आपके ब्रेस्ट मिल्क में भी पहुंच जाता है जो आपके दूध से होते हुए बच्चे के शरीर तक पहुंच सकता है। आपका शरीर कैफीन को जल्दी से प्रोसेस नहीं कर पाता। लिहाजा अगर आप चाय-कॉफी को पूरी तरह से छोड़ नहीं सकतीं तो कम से कम उनका सेवन करें।
​मसालेदार भोजन

डिलिवरी के बाद भी आपको बहुत ज्यादा तले भुने और मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। मसालेदार भोजन ब्रेस्टफीडिंग के जरिए आपके नवजात शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है।

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